शुक्रवार, 11 दिसंबर 2009

भाई वो बोल रयेला है…अरे सत्यानाशी ताऊ..मैने तेरा क्या बिगाडा था?…..

हल्लो अरे मुन्ना भाई ..मैं सर्किट बोल रयेला हूं दिल्ली एयरपोर्ट से…

क्या बोलने का जल्दी बोलने का…सरकिट..अबी अप्न के पास टाईमईच नई है मैन….अबी मुजकू रेडियो टेशन जाने का है रे मैं..

अरे भाई पण आप रेडियो टेशन जायेंगा काहे से? इदरीईच मैं एक कार देखेला हूं डाक्टर दराल के पास ..ऊठा के लाने का क्या? पण आप देख लो पहले..फ़िर अपने को नई बोलने का कि सर्किट ये क्या लेके आयेला है?


 

हां तो भाई ये गाडी के बारे डा. दराल साहब बता  रयेले हैं..दिल्ली का निगम बोध घाट --एक अन्तिम पड़ाव ---दी अल्टीमेट डेस्टिनेशन.

ये स्मार्ट कार , जी हाँ इसका नाम ही स्मार्ट कार है , मोंट्रियल सेक्यूबेक जाने वाले हाइवे पर टिम होर्तन्स के आउटलेट के बाहर देखी थी।
मुझे पूरा विश्वास है की श्री समीर लाल जी इसके बारे में पूरा डिटेल्स पता लगाकर बता देंगे।
तो क्या ख्याल है एजेंसी लेने के बारे में ?
बुकिंग कराने के लिए तो हम तैयार हैं।
नोट : यह पोस्ट उन लोगों के लिए है जो कार चलाते हैं और अकेले ऑफिस जाते हैं।और उनके लिए भी जो कार चलाने की तमन्ना रखते हैं।

आगे आशीष खंडेलवाल जी विजेट सुधारः टिप्पणियों की कुल संख्या अब ठीक है – के लिये बता रयेले हैं..

करीब आठ-दस दिन से ब्लॉगर साथियों की शिकायत मिल रही थी कि ब्लॉग पर टिप्पणियों की कुल संख्या दिखाने वाला विजेट इनकी संख्या कम दिखा रहा है। व्यस्तता के चलते मैं इसे समय नहीं दे पाया। कल रतन सिंह जी शेखावत ने टिप्पणी कर एक बार फिर इस ओर ध्यान दिलाया और उसके बाद ताऊ रामपुरिया जी ने भी इसे जल्द से जल्द सुधारने का नोटिस भेजा, जिससे वे ताऊजी डॉट कॉम पर कुल टिप्पणियों की संख्या का पता लगा सकें।

सच्चा शरणम पर हिमांशु भाई करुणावतार बुद्ध –5 पढवा रयेले हैं…

 

वनदेवता - ओ ब्रह्माण्ड  को ज्योतित करने निकले अमल ज्योतिपुंज ! ओ अनंत के अभ्र ! अपनी तृषित धरती को अमृत दो । बोध-स्रोतस्विनी की सदानीरा धारा सृष्टि को नहला दो । कृतार्थ कर दो जगत की चिर अभिलषित निर्वाण-पीठिका को ! कुछ ही कदमों पर एक तपस्विनी का कुटीर तुम्हारी प्रतीक्षा में कब से मुक्त कपाट है । दो प्रवीण ब्राह्मण तुम्हारे संग चलकर पथ-दर्शन करेंगे । मैं वनदेवता तुम्हारा आह्वान कर रहा हूँ ।

 

 

और भाई अनवरत पर वकील साहब बता रयेले हैं कि दुल्हन ले आए, ताऊ-ताई को छोड़ आए – और ताऊ वहां खुदईच बोल रयेला है कि ये ताऊ और ताई दोनोईच बावलीबूच सैं.  और KHAJANA NOW जबलपुर-ब्रिगेड पर भजन: सुन लो विनय गजानन संजीव 'सलिल' – और डर: एक माईक्रो कथा – सुना रयेले हैं उडनतश्तरी.

 

toronto

 

अरे मुन्ना भाई गजब हो गयेला है….

अरे सर्किट..खाली पीली..काये कू भंकस मार रयेला है बीडू? कुछ बोलेंगा बी की एईसेईच सब…

अरे भाई वो श्री श्री १००८ बाबा समीरानन्द जी के आश्रम मे दो बाबा लोग और आ गयेले हैं…

अरे सर्किट कौन से बाबा लोग आयेले हैं?

अरे भाई वो बी दोनों बडे सिद्ध बाबा हैं…मैं सोच रयेला था उन तीनों बाबा लोगों को इदरिच बुला कर एक हवन करवाने का भाई..उससे आपका शादी तुरंत मुन्नी मेंटेन भाभी से जल्दी हो सकता है भाई..

अरे तो सर्किट जल्दी मिलवा ना उन तीनों बाबा लोगों से…

ये लो मिलो ना भाई तीनों से

स्वयंसिद्ध श्री श्री १००८ बाबा समीरानन्द जी महाराज

 
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मुख्य महंत बाबा श्री ताऊआनंद महाराज

 

svami lalit1

महा-प्रबंधक महंत स्वामी ललितानंद महाराज

अरे सर्किट ..बाबा लोग कुछ ताबीज वाबीज बी देते हैं क्या?

अरे भाई..बडे सिद्ध बाबा है…सब कुछ सामान है उनके पास…

 

chamatkaar चमत्कारी सर्वसिद्धि यंत्र babajilocketअभिमंत्रित लॉकेट ringजागृत अंगूठी

 

अरे वाह सर्किट..एक काम करने का..ये सब ताबीज सहित इन बाबा लोगों कूं ऊठा के इदरईच ले आने का…अपुन के वास्ते हवन पानी करवाने ..और बाद मे वापस छोड देने का..क्या?

अरे भाई आप काहे कूं टेंशन ले रयेला है? अपुन अबी का अबी बात कर डालता है ना इन बाबा लोगों से….

 

और भाई शिल्पकार के मुख से  सुनने का निज अंगुष्ठ संभालिये ये ना चोरी होय!!!!…और विवेक रस्तोगी ने हैकर्स लोगों की पोलपट्टी खोल डाली है हैकर्स ने गूगल क्रोम बनाकर लांच भी कर दिया और डाउनलोड के लिये भी उपलब्ध है.. (Download Google ChromiumOS Free) -  ….और शेखावत जी namebench के साथ करें DNS Server सर्च – की जानकारी दे रयेले हैं…और An Indian in Pittsburgh - पिट्सबर्ग में एक भारतीय वाले अनुराग शर्मा भय - एक कविता – सुना रयेले हैं….और Dr. Smt. ajit gupta कह रयेली हैं कि

दिसम्‍बर में आएंगे घर-घर में राम…..और अंतर्सोहिल पर्यावरण प्रदूषण (निवारण और समाधान) के उपाय बता रयेले हैं…और वीर बहुटी निर्मला जी बता रयेली हैं की *ढोंगी बाबा सचिदानन्द निकला कातिल *…..और तीसरा खंबा पर मुकदमों के निपटारे की अवधि कम करने की कवायद के बारे मे बता रयेले हैं वकील साहब…..

और हिंदी ब्लॉगरों के जनमदिन  वाले ब्लाग पर पाबलाजी बता रयेले हैं कि आज पंकज सुबीर की वैवाहिक वर्षगांठ है

अरे तो..सर्किट…गुरुजी को बधाई दे डाल ना अपुन की तरफ़ से..

अरे भाई आप टेंशन नई लेने का..मैने गुरुजी को बधाई दे डाली है ना..आप आराम से चर्चा सुनने का…और भाई वो GULDASTE - E – SHAYARI वाली बबली जी एक महिने की छूट्टी जारयेली हैं…..

 


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प्रिय मित्रों
मैं एक महीने के लिए छुट्टी पर जा रही हूँ ! आप सभी कोबहुत याद करुँगी! क्रिसमस और नए साल की हार्दिकशुभकामनायें आप सब को और आपके परिवार को!

अब भाई निरन्तर  पर कुछ हास्य-परिहास हंसी ठिठोले जोग..सुना रयेले हैं मिश्रजी…मन का पाखी पर गावस्कर के 'स्ट्रेट ड्राईव' का राज़ !!…और खेती बाडी पर कहीं इंसान भगवान बनने की कोशिश में तो नहीं है! …और उच्चारण पर "कोई नही सुनता पुकार" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक") – ये शाश्त्रीजी बोल रयेले हैं….और मेरी रचनाएँ !!!!!!!!!!!!!!!!! गलती सुधार रयेले हैं..मुझे अफ़सोस है.. .गलती का सुधार कर रहा हूँ. : महफूज़  भाई  और मेरी कलम - मेरी अभिव्यक्ति पर झूठा सच बनाम समाजशास्त्र – के बारे में बता रयेले हैं अनिलकांत भाई…और देशनामा पर दिलीप साहब जिओ हज़ारों साल...खुशदीप –बोल रयेले हैं…

अरे सर्किट वो खुशदीप भाई से पूछने का…मुन्नी मेंटेन को पेरोल मिला क्या रे?

अरे भाई आप टेंशन नईं लेने का..वो जैसाईच मिलेगा..खुशदीप भाई कंटेक्ट करेगा ना अपुन से…मैं सब उनकू समझा दियेला है भाई…और वो आँचल !!!.. कहानी सुना रयेली हैं “अदा जी”

 

कहते हैं न शुरू में आप शराब पीते हैं फिर शराब आपको पीती है...संजय भईया भी कहाँ अपवाद थे....होते-होते शराब ने अपना असर दिखाना शुरू कर दिया...उनको लीवर सिरोसिस हो गया और ६ फीट का आदमी ४ फीट का कैसे हो जाता है यह मैंने तभी देखा था....खूबसूरत बदन हड्डियों का ठठरी हो गया था.....शीला भाभी ने अपनी आँखों की नींद को अपने पास महीनों नहीं फटकने दिया....आँचल पसार-पसार कर सारे व्रत कर गयी थी वो....लेकिन भगवान् को तो अपना काम करना था .....एक दिन संजय भईया को इस दुनिया से जाना ही पड़ा...शीला भाभी और विशाल को छोड़ कर....अब घर में मात्र शीला भाभी, विशाल जिसकी उम्र २-३ वर्ष कि थी और पाण्डेय जी रह गए.....

 

 

इसका पीछू…

और दो पल रुका यादों का कारवाँ – ये गीत सुना रयेली हैं  गुनगुनाती धूप. पर अल्पना वर्मा जी और राज पाहवाजी…

 

 

अब भाई इसके पीछू कुछ गडबड हो गयेली है…

अबे सर्किट…तू खाली पीली दिमाग का दही बना रयेला है….बोलता काहे कू नई…

अरे भाई क्या बोलेगा उधर वो ताऊ डॉट इन पर ताऊ पता नई क्या बूम मार रयेला है?

अबे बोलता काहे कू नई? क्या बोल रयेला है ताऊ?

भाई वो बोल रयेला है…अरे सत्यानाशी ताऊ..मैने तेरा क्या बिगाडा था?…..


किश्शू गधेडा जो कुंये मे झुककर अपना हाथ रुपकला की तरफ़ बढा रहा था और उसको उचक कर अपना हाथ पकडने को कह रहा था ..वो भी भागने की तैयारी करने लगा...शेर धीरे धीरे नजदीक आता जा रहा था. चम्पा भाभी ने किश्शू से रुकने की बहुत गुजारिश की..पर आज किश्शू ने सिद्ध कर दिया कि लैला मजनूं का जमाना और रहा होगा..आज के जमाने मे..जान इश्क से उपर है. और सही भी है..जान बचेगी तो इश्क लडाने वालियां और बहुत मिल जायेंगी...सो किश्शू भी भाग लिया. वाह रे इश्कबाज..!

और भाई आपको जादू देखना होयेंगा तो आदित्य (Aaditya) भी जादू!! दिखा रयेला है. और चर्चा हिंदी चिठ्ठों की पर रुपा गधेडी पर डोरे डालने को शेर बना किश्शू गधेडा (चर्चा हिन्दी चिट्ठो की ) पढने का भाई..

और राजतंत्र पर

लंबी चली चर्चा- कोकास जी से पूछे कितना हुआ खर्चा  ये पूछने के साथ ही सुखद ब्लस्ट करने की गारंटी बी ले रहे हैं ग्वालानी जी….और  अंधड़ ! पर गोदियालजी अंधे आगे नाच के, कला अकारथ जाए ! एइसा बोल रयेले हैं…

 

और भाई ताऊजी डाट काम पर मक्खी पहेली फ़र्रुखाबादी विजेता (139) : संगीता पुरी ने जीत ली है….और गत्‍यात्‍मक ज्‍योतिष पर  अपने बचने के लिए कुछ भी करो .. पर धर्म और ज्‍योतिष को यूं बदनाम न करो बाबा !! ये कह रयेली हैं संगीता जी…और घुघूतीबासूती जी बता रयेली हैं एक बल्ब जलाना चाहते हैं तो दो लाख रुपए का जुगाड़ कर लें ! ....घुघूती बासूती -  और समयचक्र पर चिट्ठी चर्चा : ये भी भला कोई वक्त है...अब आने का.  पूछ रयेले हैं महेंद्र मिश्रजी..और ज्योतिष की सार्थकता पर प.वत्स जी बता रहे हैं भाग्य और पुरूषार्थ का महत्व-------(आधुनिक दृ्ष्टिकोण)


ये रिश्ते वाली कविता इदर हीरल बेन के ब्लाग पे पढने की...
अथवा
साथ गुजारे गये पलों को?
जो नींव की पक्की इंटो की तरह
रिश्तों को मजबूत बनाते होंगे?

पर
नहीं शायद
आजकल नींव की ईंटे भी कच्ची हैं।

और भाई अब ये Vyom ke Paar...व्योम के पार पर ये अल्पना वर्मा जी का संस्मरण 'अपनी शर्तो पर जीना'  पढने का भाई…इसी पोस्ट के साथ यह सुंदर गीत भी अल्पना जी की आवाज मे सुनने का भाई.

'रात और दिन दिया जले ,मेरे मन में फिर भी अंधियारा है,
जाने कहाँ है वो साथी ,तू जो मिले जीवन उजीयारा है'

 

महीने भर बाद शादी करके आई तब बेहद खुश थी ,मगर चेहरे पर कोई मेकअप नहीं देख कर सब ने सवाल कर डाले..
उसने बड़े गर्व से कहा की उसके पति उस से इतना अधिक प्यार करते हैं वे नहीं चाहते की उन के अलावा कोई और उस को देखे.हम मज़ाक में कहते थे की अमल ध्यान रखना उन्हें नौकरी मिल जाएगी तो तुम्हें तो ताले में बंद कर के जाया करेंगे!वह स्टाफ रूम मे आते ही सब से पहले अपने लोकर से मेक अप का समान निकालती और इतमीनान से सजती ,घर जाने से पहले चेहरे से सारी सजावट उतारती.

 

 

भाई..अब मेरे कू जाने का है…आप को मैं बाकी कल आके सुनायेंगा ना….

ठीक है सर्किट पण जल्दी आने का..

हां जल्दी आता है ना मैं भाई..आप टेंशन नईं लेने का भाई….

17 टिप्पणियाँ:

रंजन ने कहा…

जय हो.. सर्किटेश्वर जी की....

11 दिसंबर 2009 को 10:22 pm
बी एस पाबला ने कहा…

बढ़िया!

लगे रहो मुन्नाभाई :-)

बी एस पाबला

11 दिसंबर 2009 को 10:25 pm
स्वामी ललितानंद महाराज ने कहा…

अरे सर्किट बच्चा भौत झकास चर्चा किएला है, अईसेच चर्चा करेगां तो बाबा लोगन का आशीर्वाद भौत मिलेगां, और बाबा लोग सर्व व्याधिनिवारण आशीर्वाद मुन्ना भाई को देयेगां।

11 दिसंबर 2009 को 11:25 pm
संगीता पुरी ने कहा…

मुन्‍ना भाई के बहाने हमलोग भी आपकी इंतनी लंबी सुंदर चर्चा सुन लेते हैं .. आपका धन्‍यवाद !!

11 दिसंबर 2009 को 11:30 pm
Udan Tashtari ने कहा…

ओए सर्किट, गजब कर दिया..ऐसा भीषण कवरेज..मानो दस चर्चा एक साथ पढ़ रहे हों..सारे काम के लिंक पर टहल आये. बहुत बढ़िया जा रहे हो..लगे रहो. वाह सर्किट..शार्ट सर्किट सुना था...आज लांग सर्किट देखा.

11 दिसंबर 2009 को 11:48 pm
makrand ने कहा…

वाह सर्किट भाई, आज लगता है इसीलिये नही आये शाम को? इत्ती लंबी और झकास चर्चा कर डाली बीडू? लगे रहो । कल आके मिलने का सर्किट भाई।

12 दिसंबर 2009 को 12:13 am
ताऊ रामपुरिया ने कहा…

वाह सर्किट भाई धो डाला सबको आज तो बिना मोगरी के ही बाप? क्या झकास चर्चा ठोक दी है बाप? बस इसी तरह लगे रहो सर्किट भाई।

रामराम.

12 दिसंबर 2009 को 12:30 am
'अदा' ने कहा…

ओय्ये सर्केश्वर,
अपुन इधर कब से चिल्ला रहेला है ....झलक दिखला जा.. झलक दिखला जा....पण तेरे कान में शीशा पड़ेला है क्या...
जबी तुम्हारा दिल होएंगा तबी आयेंगा...पण अपुन को बताने का है न...कोई टाइम टेबुल तो होयेंगा कि नई....कबी तेरे को आने का कबी नई आने का....
अब ज्यास्ती झिक झिक नई करेंगा अपुन और .....तेरे को सोलिड बात बोलेंगा ...क्या....!!
चर्चा मस्त है बिडू....!!
मुन्ना भाई को ...अपुन का सलाम बोलने का ...क्या..!

12 दिसंबर 2009 को 2:22 am
हिमांशु । Himanshu ने कहा…

सच में भाई, बीच-बीच में गुम हो जाते हो ! हम यहाँ ऐसी स्टाइलिश चर्चा पढ़ने को लालयित !

बहुत सारे चिट्ठों को इकट्ठा समेट दिया है । आभार ।

12 दिसंबर 2009 को 6:27 am
दिनेशराय द्विवेदी Dineshrai Dwivedi ने कहा…

वाह भाई, क्या चर्चा है?

12 दिसंबर 2009 को 7:51 am
वाणी गीत ने कहा…

क्या रास्चिक चर्चा है मुन्ना भाई ...लगे रहो ...!!

12 दिसंबर 2009 को 7:57 am
निर्मला कपिला ने कहा…

सच मे मुन्ना भाई की तरह धाँसू चर्चा है जय हो

12 दिसंबर 2009 को 11:55 am
पी.सी.गोदियाल ने कहा…

लंबी सुंदर चर्चा,मुन्ना भाई !

12 दिसंबर 2009 को 1:36 pm
डॉ टी एस दराल ने कहा…

ऊठा के लाने का क्या? पण आप देख लो पहले..फ़िर अपने को नई बोलने का कि सर्किट ये क्या लेके आयेला है?

किसको उठाने का है, बाप। ये कार को या ---
हा हा हा ! बहुत बढ़िया रही ये चर्चा।
बधाई।

12 दिसंबर 2009 को 3:12 pm
खुशदीप सहगल ने कहा…

अरे सर्किट,
तिहाड़ जेल वालों से मुन्नी मेंटेन के चक्कर में बड़ा लोचा हो गईला रे...अपुन भिड़
गएला कि जेसिका लाल को टपकाने वाले मनु शर्मा को शीला आंटी की सिफारिश
पर पेरोल दिया जा सकता है बरोबर, और मुन्नी मेंटेन को मुन्ना भाई से मिलवाने
के लिए नहीं...ज़माना ही वाट लगाने का आ गया है...कोई सुधरना चाहता है तो
ये सुधरने नहीं देइला...

जय हिंद...

12 दिसंबर 2009 को 5:19 pm
पं.डी.के.शर्मा"वत्स" ने कहा…

वाह्!
अतिसुन्दरम, रोचकम, विस्तृ्तम एवं आनन्ददायकम चर्चा !

12 दिसंबर 2009 को 11:22 pm
Smart Indian - स्मार्ट इंडियन ने कहा…

बहुत मस्त चर्चा करेली है भिडू!

20 दिसंबर 2009 को 9:56 am

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