मंगलवार, 10 नवंबर 2009

चर्चा सर्किट की

यूं ही बैठे बैठे विचार आया कि अगर मुन्ना भाई और सर्किट चिठ्ठा चर्चा करें तो कैसी लगेगी?

इन्ही दोंनो की भाषा और तर्ज पर मैंने ब्लाग चर्चा करने की सोची है और इसका नाम रखा गया है..ब्लाग चर्चा मुन्ना भाई की. इसका आईडीय़ा कुछ ऐसा है कि मुन्ना भाई अपनी सनक सनक में सर्किट से कुछ पूछता है और सर्किट बिल्कुल राम भक्त हनुमान की तरह उनको इलाज बताता है.

यानि कुल लुब्बेलुबाब यह है कि वो हर मर्ज की दवा ब्लाग रस की के ढक्कन पिला पिला कर करता है.

हमारा यह प्रयास आपका मनोरंजन सहित ब्लाग चर्चा करना है. आशा है आपको यह नवीन आईडिया अवश्य ही पसंद आयेगा.

सादर

महावीर बी. सेमलानी

3 टिप्पणियाँ:

श्रीश पाठक 'प्रखर' ने कहा…

इस शुभारम्भ के लिए व्यक्तिगत तौर पर आपको बधाई देता हूँ....आपकी सफलता के लिए आशान्वित हूँ...
munna bhai word verification to hata do comments settings me...

13 नवंबर 2009 को 6:23 pm
Raviratlami ने कहा…

विचार तो अच्छा है, पर चर्चा मोनोटोनस और टाइप्ड न हो जाए ये ध्यान रखिएगा. इसलिए बीच-बीच में परिवर्तन करते रहें तो उत्तम.
शुभकामनाएँ

13 नवंबर 2009 को 10:20 pm
गिरीश बिल्लोरे 'मुकुल' ने कहा…

मुन्ना+भाई=मामू एकदम रापचिक चर्चा का आईडिया आयेला बाप.
०‌॓!॓०

17 नवंबर 2009 को 7:55 am

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