रविवार, 22 नवंबर 2009

मुन्ना भाई को ब्लाग बुखार चढ गयेला है : डाँ.झटका

अरे सर्किट …अपुन को भौत ठंड लगरेली है बाप….कुछ दवाई देने का …

अरे भाई…आपको तो बुखार चढ गयेला है….रात को एक बजेईच तो आपको मिक्चर पिलायेला था..अबी की अबी कैसे बुखार आगयेला..कुछ समझईच नईं आयेला है..आप जरा रजाई ओढकर सोने का..मैं जरा डाक्टर झटका को उठाकर लाता है…..

ए सर्किट तू पगला गयेला है क्या? भाई को एइसी हालत मे छोडकर जायेगा क्या? तू फ़ोन लगा झटके को..मैं बात करेगा उससे..

अरे भाई..डाक्टर झटका जरा उंचा डाकटर है भाई..वो फ़ोन पर मरीज से बात नईं करता ना भाई…

अरे सर्किट..उसकी तो एइसी तईसी डाक्टर झटके की तो..अबी की अबी फ़ोन लगा और मेरे कू दे…

अरे भाई..आप काहे कू टेंशन लेता है भाई? आप जरा आराम से लेटो भाई..मैं बात करता ना उससे….

ठीक है अबी बात करने का और बोलने का भाई का बुखार अबी का अबी उतारने का..

भाई मैं अबी बात कर लिया है डाक्टर बोल रयेला है एक डोज भाई और देदो..ब्लाग रस का..अबी सब तरफ़ वायरल बुखार फ़ैल रयेला है…तो भाई आप आराम से लेटो..मैं आपके लिये ब्लाग रस निकाल के ला रयेला है….

महेन्द्र 'नेह' के काव्य संग्रह 'थिरक उठेगी धरती' का लोकार्पण विश्वंभर नाथ चतुर्वेदी 'शास्त्री' समारोह में 22 नवम्बर को हो रयेला है भाई.

अरे सर्किट उनको भाई की तरफ़ से बधाई देने का और बताने के लिये वकील साहब का आभार मानने का…

भाई ये काम तो मैं आपके बोले बिनाईच कर देता है ना भाई…..अब आगे

महारष्ट्र में मीडिया कर्मिओं पर हमले पर मैनपुरी की मीडिया ने फूंका ठाकरे का पुतला ये बता रहेले हैं बुरा भला पर….और झा जी आ गयेले हैं दिल्ली ब्लॉग बैठक में हिन्दी ब्लॉग्गिंग और मीडिया पर चर्चा लेकर….वो बोल रयेले हैं….

पिछली दोनों पोस्टों में दिल्ली ब्लोगबैठकी और पाबला जी , तथा द्विवेदीजी केदिल्ली प्रवास के दौरान हुईचर्चाओं पर मैं काफ़ी कुछ लिख चुका हूं..। आजउसी को आगे बढाते हुए फ़िरकुछ उन मुद्दों पर लिखने जा रहा हूं जो हमारी बातचीत के दौरान निकल करसामने आई ॥इनमें से पहला मुद्दा था..हिंदी ब्लोग्गिंग और मीडिया ...इससे जुडी दो बातें मुख्य रूप से हमारे बीच चर्चा केलिये आईं । पहली ये कि क्या सचमुच ही हिंदी मीडिया ..यहां मीडिया से मेरा तातपर्य प्रिंट मीडिया का है...हिंदीब्लोग्गिंग और ब्लोगर्स को महत्व देने लगा है ....और क्या देर सवेर येमहत्व बढने वाला है ॥

"नीड़ में ज़र तलाश करते हो!" (डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री "मयंक") ये शाश्त्रीजी पूछ रयेले हैं…और भाई मैं हूं "ब्रदर इंडिया"...खुशदीप अच्छे भले लोगों की वाट लगा रयेले हैं…आपको लगवानी होये तो बोलने का भाई..अपना खुशदीप जी से डायरेक्ट कनेक्शन है आपकी भी वाट लगवा देंगे….


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अभी तक सारी ब्लॉगर बिरादरी महफूज़ के सिर पर ही सेहरा देखने की फ़िक्र कर रही थी...जैसा कि टिप्पणियों में बार-बार दिखता ही रहता है...अब इस लिस्ट में दीपक मशाल का नाम और जोड़ लीजिए...और जिस दिन ये घड़ी आएगी...उस दिन की बारात के बारे में सोचिए...ब्लॉगर ही ब्लॉगर...ठीक वैसे ही जैसे शिवजी बियाहने निकले थे...अब भोले की बारात में कौन-कौन बाराती थे...ये भी मुझे बताने की ज़रूरत पड़ेगी क्या...
(आज का स्लॉग ओवर भी इन्हीं दो मोस्ट एलिजेबल बैचलर्स को समर्पित है)
स्लॉग ओवर
महफूज़ और दीपक...शादी के लिए लड़की चुनने से पहले खुशदीप का ज्ञान सुन लो...फिर न कहना...बड़े भाई ने बताया नहीं था...
आप एक हाउस-फ्लाई को बटर-फ्लाई बना सकते हैं...
लेकिन एक बटर-फ्लाई को कभी हाउस-फ्लाई नहीं बना सकते..

अरे सर्किट..खुशदीप भाई को बोलने का अपुन की बी एइसीईच वाट लगाने का…क्या? अबी की अबी बोल अने का फ़ोन लगाकर…

हां मैं बोलता ना भाई..आप काहे कू टेंशन लेने का भाई…आगे सुनने का अब….प्रवीण जाखड बता रयेले लॉटरी 40 करोड़ की, मिले 7 रुपए 20 पैसे ! ….और भाई झा जी जस्ट टू लाइन, चर्चा हुई फाइन (चिट्ठी चर्चा ) अंग्रेजी मे लेके आयेले हैं…

अरे सर्किट..ये अंगरेजी मे टू लाईन चर्चा का मतलब भाई समझेले नईं…..इसका मतलब समझाने का…

भाई बस झाजी ने लिख दियेला तो लिख दियेला…आप काहे कू टेंशन लेता…झाजी आज रविवार मना रयेले हैं…कल पूछ के बतायेंगा ना मैं आपको…और भाई बुरा भला फ़िर बता रयेले टी आर पी की दौड़ में हारे क्विज शो: सिद्धार्थ बासु…..और भाई जबलपुर ब्रिगेड पर बिल्लोरे भाई बोल रयेले सलीम खान और मियाँ केरानवी ये देश तुम जैसों की वज़ह से बँट नहीं सकता..

अरे सर्किट ठीकईच तो बोल रयेले…रे….आगे बोलने का…..

भाई आगे पाबलाजी बता रयेले आज लावण्या शाह का जनमदिन है

अरे सर्किट दीदी को पांव छूकर बधाई देने का और आशिर्वाद मांगने का…क्या?

हां भाई..मैं बधाई भी देदिया और पांव भी छू लिया और लगे हाथ बताने के लिये पाबला जी कू आभार भी दे दियेला है….

और भाई योगिंद्र मोदगिल बोल रयेले जब भी देखूं आईना तो........

अरे सर्किट ..मैं जानता ना..जैसेईच मोदगिल जी ने आईना देखां होयेंगा…आईनाईच टुट गयेला होयेंगा….आगे चल…मोदगिल जी को तो मैं फ़ोन करके निपटेगा….और भाई पांडे जी एक साहबी आत्मा (?) के प्रलाप बता रयेले हैं मानसिक हलचल पर….

और भाई शाश्त्री जी आज फ़िर चिठ्ठा चर्चा करेले हैं "फूल खिलेंगे धीरज धरिये" (चर्चा हिन्दी चिट्ठों की)….

अरे सर्किट आजकल वो पंकज मिश्रा जी नईं दिख रयेले…किदर कू गये?…

भाई अपुन को पूछ के नई गयेले कि किदर कूं गये? कब गये? और कब आने का है? कुछ बी मालूम नई..वो तो राजस्थान पत्रिका में प्यारे चूहे साथियो ...जागो की चर्चा लगाके के बाद दिखेईच नईं….…अबी मैं पता करके बताता ना भाई आपकू..टेंशन नई लेने का…..

और भाई मास्साब पूछ रयेले क्या सरकार उठा पायेगी इतना भार ?…अब अपुन को क्या पता भाई..सरकार की कोई बात पक्की थोडेईच होती..अबी बोलेगी..मैं ऊठायेगी..फ़िर दूसरी सरकार आयेगी वो बोलेगी मैं पटकेगी…

और भाई अब सपने भोर हो गई है….अब आपका बुखार उतर गयेला होयेंगा तो ब्लाग रस बनाना बंद करेगा मैं?

अरे सर्किट अबी मेरे कू थोडा अच्छा लग रयेला है..थोडा और ब्लाग रस निकालने का एक दो बाल्टी…

ठीक है ना भाई..आप काहे कू टेंशन लेता है? मैं निकाल रयेला ना भाई….

और भाई तुम न थे.....^^^^^^^^^^^^^^^^^^दीपक 'मशाल' बोल रयेले हैं…

और भाई..ग्वालानी झी बता रयेले वंदेमातरम् से मुसलमानों को परहेज नहीं ….और वडनेरकर जी बता रयेले की डाकिया बीमार है…कबूतर जा… और हां कबूतर डाक लेके फ़टाफ़ट आने का.

और भाई वो आदि आज शानदार शनिवार. मना रयेला है..इतने दिन से गायब होगयेला था….आज कार खुदईच चला कर खेत मे पहुंच गयेला और वहां मस्ती कर रयेला है…

और भाई वो आपकी धमकी से उडनतश्तरी गायब हो गयेली थी ना..भाई मैं उसको सब जगह ढूंढा पर कहीं बी नही मिली..पर आदि के पास दिखेली थी मेरे कू….

अरे सर्किट..जल्दी किडनैप करके लाने का..पहेली का जवाब पूछने का है मेरे कू…

बस भाई दिख गयेली है उडनतश्तरी..आतीईच होगी इदर आपके पास मिलने कू…टेंशन नईं लेने का भाई

और भाई अदा जी मस्त गाना लगायेली है…'अदा'.....तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है.…

तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
ये उठें सुबह चले, ये झुकें शाम ढले
मेरा जीना मेरा मरना इन्हीं पलकों के तले
तेरी आँखों के सिवा ...

ये हों कहीं इनका साया मेरे दिल से जाता

ये कहीं इनका साया मेरे दिल से जाता नहीं
इनके सिवा अब तो कुछ भी नज़र मुझको आता नहीं
ये उठें सुबह चले ..

अरे सर्किट..जरा सुनाने का…ये वोईच है ना…फ़िल्म चिराग वाला गीत..

हां भाई वोईच है…

और भाई हिमांशु भाई पराजितों का उत्सव : एक आदिम सन्दर्भ (पानू खोलिया)-१ के बारे मे बता रयेले हैं… और अल्बेला खत्रीजी पूछ रयेले हैं भाई ये सूर्योदय और सूर्यास्त कैसे होता है कोई बताएगा ?

ए सर्किट जब भाई से पूछ रयेले हैं तो किसी दूसरे की क्या हिम्मत जो भाई के रहते बतायेंगा? अबी फ़ोन मिला के दे मेरे कूं..मैं अबी की अबी बताता है..

हां भाई..ठीकईच तो बोल रयेले आप…टेंशन नईं लेने का भाई…मैं अबी फ़ोन लगाके देता है ना आपकू…और भाई इसका पिच्छू ….

काजल भाई बोल रयेले है कार्टून:- हे भगवान गंजे को भी नाखून दे रहा है तू ?

ए सर्किट…ये काजल भाई को क्या हो गयेला है?…. भगवान गंजे को नाखून देंगा तबी तो खेल का मजा आयेंगा ना?

हां ये तो सही बात बोल रयेले भाई आप..

ए सर्किट मेरे कूं नींद आ रयेली है रे…

भाई अब आप रजाई ओढ कर सो जाने का…आपको ब्लाग रस के डोज का असर हो गयेला है..थोडी देर मे बुखार उतर जायेंगा…एइसा डाक्टर झटका ने बोलेला है…..




11 टिप्पणियाँ:

शिवम् मिश्रा ने कहा…

बोहत ही मस्त और झकास चर्चा करेली है ...........एकदम जम गया अपुन को .........और हाँ अपुन के ब्लॉग को भी चर्चा में लेने के लिए बहुत बहुत आभारी है मैं बोले तो विनम्रता से थैंक यू वैरी मच !

22 नवंबर 2009 को 12:50 pm
रंजन ने कहा…

चर्चा का रंग जम रहा है.. झकास.. लगे रहो.

22 नवंबर 2009 को 1:03 pm
खुशदीप सहगल ने कहा…

ए सर्किट,
अपना नंबर मुन्ना भाई को क्यूं दिएला है...क्यूं अपनच कू बिना टिकट ऊपर की फ्लाइट पकड़ेला रे...ये मुन्ना भाई को वाट लगवाने का शौक क्यूं चढ़ेला ए...क्या गुड मार्निंग इंडिया वाला मैडम किसी ओर के साथ फुर्रेला हो लिया क्या...वैसे बाप इधर मुन्ना भाई का एक सालिड मैच ढूढेला ए...मुन्नी मेंटेन....क्या बमचिक आइटम है बाप...इलाके में मुन्नी मेंटेन का क्राइम ग्राफ सबसे टॉप पर है बॉस...मुन्नी मेंटन बस मुन्ना भाई के फोटा का डिमांड किएला है...कोई रपचिक फोटू भेज रे सर्किट...वो फोटू मत भेजेला जो इलाके के बच्चे को डराने के काम आइला ए...

चलता हूं बाप...कई कुंआरा टपोरी मैरिज ब्यूरो के दरवाजे पर नॉक करेला ए...

जय हिंद...

22 नवंबर 2009 को 1:15 pm
संगीता पुरी ने कहा…

भाई और आपकी जोडी सलामत रहे .. पूरे ब्‍लाग जगत को एक दूसरे से जोडकर रखने के लिए .. बहुत सुदर प्रयास है आपलोगों का !!

22 नवंबर 2009 को 2:17 pm
Ratan Singh Shekhawat ने कहा…

भाई बहुत ही मस्त लगी चर्चा | पढ़कर मजा आ गया |

22 नवंबर 2009 को 2:23 pm
जबलपुर-ब्रिगेड ने कहा…

मुन्ना भाई उसको इत्ती बार समझाया खोपड़ी है की कुछ समझने को खाली नातीं
सर्किट से पूछ की किताबी कीड़ों के खोपड़ी होती है कि नई फिर अपुन भी ज़्यादा
खोपड़ी क्यों चलाएं अब एकाध भड़काऊ लेख देखूंगा तो फट से सायबर-क्राइम वालों
को लिख मारूंगा खाली बोल बचन नहीं करता काम करता है ब्रिगेड
चर्चा-का शुक्रिया

22 नवंबर 2009 को 2:25 pm
गिरीश बिल्लोरे 'मुकुल' ने कहा…

खाली नातीं को खाली नहीं बांचिये इट्स अ क्लेरिकल-एरर

22 नवंबर 2009 को 2:27 pm
हिमांशु । Himanshu ने कहा…

वाह भई ! हम तो इस अनूठेपन के मुरीद हो गये हैं । बेहतर चर्चा । आभार ।

22 नवंबर 2009 को 7:07 pm
पं.डी.के.शर्मा"वत्स" ने कहा…

आपकी चर्चा तो एकदम से गजब ढा रही है.....
लगता है कुछ दिनों में ही कईं चर्चा दुकाने बन्द होने वाली हैं :)

23 नवंबर 2009 को 12:21 am
Dipak 'Mashal' ने कहा…

bilkul jhakkaas... kal India aake Jadoo ki jhappi dete hain bhai ko...
:)
Jai Hind...

23 नवंबर 2009 को 7:19 am
ताऊ रामपुरिया ने कहा…

बिल्कुल झकास चर्चा सर्किट भाई.

रामराम.

23 नवंबर 2009 को 3:27 pm

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